Ladli Laxmi Yojana 2026, ₹1,43,000 Benefits, Eligibility & Apply Online

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हाइलाइट

  • पात्र बालिकाओं को 1,43,000 रूपये तक की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है।
  • स्कूल शिक्षा के विभिन्न चरणों में छात्रवृत्ति प्रदान की जाती है।
  • योजना बालिकाओं को उच्च शिक्षा जारी रखने के लिए प्रोत्साहित करती है।

Ladli Laxmi Yojana 2026: Details

विवरणजानकारी
योजना का नाममध्य प्रदेश मुख्यमंत्री लाड़ली लक्ष्मी योजना
आरंभ होने की तिथि01 अप्रैल 2007
लाभपात्र बालिकाओं को 1,43,000 रूपये तक की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है।
लाभार्थीमध्य प्रदेश की पात्र बालिकाएं
नोडल विभागमहिला एवं बाल विकास विभाग
आवेदन का तरीकाऑनलाइन लाड़ली लक्ष्मी योजना पोर्टल द्वारा

वेबसाइट: ladlilaxmi.mp.gov.in कॉल सेंटर: 0755-2700800 हेल्पडेस्क ईमेल: ladlilaxmi.wcd@mp.gov.in


Ladli Laxmi Yojana 2026

मध्य प्रदेश मुख्यमंत्री लाड़ली लक्ष्मी योजना राज्य सरकार द्वारा शुरू की गई एक प्रमुख बालिका कल्याण योजना है, जिसकी शुरुआत 01 अप्रैल 2007 को की गई थी। इस योजना का उद्देश्य बालिकाओं को आर्थिक सहायता प्रदान करके उनके भविष्य को सुरक्षित और सशक्त बनाना है। योजना का संचालन महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा किया जाता है।

मध्य प्रदेश सरकार द्वारा शुरू की गई यह बालिका शिक्षा प्रोत्साहन योजना परिवारों को बेटियों की शिक्षा के प्रति जागरूक करने और समाज में बालिकाओं के प्रति भेदभाव कम करने के उद्देश्य से संचालित की जा रही है। यह योजना महिला सशक्तिकरण, बालिका शिक्षा और बाल कल्याण को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

मुख्यमंत्री लाड़ली लक्ष्मी योजना के अंतर्गत पात्र बालिकाओं को स्कूल शिक्षा से लेकर उच्च शिक्षा और वयस्क होने तक विभिन्न चरणों में कुल 1,43,000 रूपये तक की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। पहले योजना के अंतर्गत 1,18,000 रूपये तक की सहायता राशि प्रदान की जाती थी, लेकिन अब इसे बढ़ाकर 1,43,000 रूपये कर दिया गया है। इसमें स्नातक या व्यावसायिक पाठ्यक्रम में प्रवेश लेने वाली बालिकाओं को अतिरिक्त 25,000 रूपये की प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। योजना के तहत अलग-अलग शैक्षणिक स्तरों पर छात्रवृत्ति और प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाती है ताकि बालिकाएं बिना आर्थिक परेशानी के अपनी पढ़ाई जारी रख सकें।

इसके अलावा, पात्र बालिका को 21 वर्ष की आयु पूर्ण करने के बाद निर्धारित शर्तें पूरी करने पर 1 लाख रूपये की अंतिम सहायता राशि भी प्रदान की जाती है। यह योजना परिवारों को बेटियों की शिक्षा के लिए प्रेरित करने के साथ-साथ बालिकाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने में सहायता करती है।

यह योजना राज्य में बाल लिंगानुपात सुधारने, बाल विवाह रोकने, कन्या भ्रूण हत्या को हतोत्साहित करने और बालिकाओं को उच्च शिक्षा के लिए प्रेरित करने पर केंद्रित है। योजना परिवार नियोजन को भी प्रोत्साहित करती है तथा बेटियों को समान अवसर उपलब्ध कराने में मदद करती है।

आर्थिक सहायता के अलावा यह योजना बालिकाओं को आत्मनिर्भर बनाने और महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा देने का कार्य भी करती है। लाभार्थियों को रोजगारमूलक योजनाओं और व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में प्राथमिकता दी जाती है। योजना के तहत मिलने वाली राशि का उपयोग स्वरोजगार, बैंक लोन या अन्य सरकारी योजनाओं में मार्जिन मनी के रूप में भी किया जा सकता है।

योजना में अनाथ बालिकाओं, गोद ली गई बालिकाओं, जेल में जन्मी बालिकाओं तथा बलात्कार पीड़िता से जन्मी बालिकाओं के लिए भी विशेष प्रावधान किए गए हैं। योजना के अंतर्गत स्वीकृत राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में DBT (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से भेजी जाती है।

मध्य प्रदेश के पात्र निवासी लाड़ली लक्ष्मी योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाने के लिए सरकार द्वारा आधिकारिक पोर्टल उपलब्ध कराया गया है।


योजना के लाभ

  • पात्र बालिकाओं को 1,43,000 रूपये तक की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है।
  • स्कूल शिक्षा के विभिन्न चरणों में छात्रवृत्ति प्रदान की जाती है।
  • योजना बालिकाओं को उच्च शिक्षा जारी रखने के लिए प्रोत्साहित करती है।
  • परिवारों पर शिक्षा से संबंधित आर्थिक बोझ कम करने में सहायता मिलती है।
  • स्नातक और व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के लिए आर्थिक सहायता दी जाती है।
  • योजना महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देती है।
  • बाल विवाह और बालिका ड्रॉपआउट को रोकने में सहायता मिलती है।
  • लाभार्थियों को रोजगारमूलक योजनाओं और कौशल विकास कार्यक्रमों में प्राथमिकता मिलती है।

चरणबद्ध वित्तीय सहायता राशि

  • कक्षा 6वीं में प्रवेश लेने पर 2,000 रूपये की सहायता राशि प्रदान की जाती है।
  • कक्षा 9वीं में प्रवेश लेने पर 4,000 रूपये की सहायता राशि दी जाती है।
  • कक्षा 11वीं में प्रवेश लेने पर 6,000 रूपये की छात्रवृत्ति प्रदान की जाती है।
  • कक्षा 12वीं में प्रवेश लेने पर 6,000 रूपये की छात्रवृत्ति प्रदान की जाती है।
  • स्नातक या न्यूनतम दो वर्ष अवधि वाले व्यावसायिक पाठ्यक्रम में प्रवेश लेने पर 25,000 रूपये की प्रोत्साहन राशि 12,500 रूपये की दो समान किश्तों में प्रदान की जाती है।
  • बालिका के 21 वर्ष पूर्ण करने, कक्षा 12वीं की परीक्षा में सम्मिलित होने तथा निर्धारित आयु के बाद विवाह होने पर ₹1 लाख की अंतिम राशि प्रदान की जाती है।

पात्रताएं

  • बालिका का जन्म 01 जनवरी 2006 या उसके बाद हुआ होना चाहिए।
  • बालिका स्थानीय आंगनवाड़ी केंद्र में पंजीकृत होनी चाहिए।
  • माता-पिता मध्य प्रदेश के मूल निवासी होने चाहिए।
  • माता-पिता आयकरदाता नहीं होने चाहिए।
  • परिवार में अधिकतम दो बच्चे होने चाहिए।
  • दूसरे बच्चे के बाद परिवार नियोजन अपनाना अनिवार्य है।
  • प्रथम बालिका के लिए परिवार नियोजन की शर्त लागू नहीं होती।
  • अनाथ और गोद ली गई बालिकाओं के लिए विशेष पात्रता प्रावधान उपलब्ध हैं।

आवश्यक दस्तावेज

  • समग्र आईडी और परिवार आईडी।
  • बालिका और माता-पिता का फोटो।
  • बालिका का जन्म प्रमाण पत्र।
  • मध्य प्रदेश मूल निवासी प्रमाण पत्र।
  • दूसरी बालिका के लिए परिवार नियोजन प्रमाण पत्र।
  • आयकरदाता न होने का स्वघोषणा पत्र।
  • गोद लेने का प्रमाण पत्र या अनाथालय प्रमाण पत्र (यदि लागू हो)।

आवेदन प्रक्रिया

  • मुख्यमंत्री लाड़ली लक्ष्मी योजना के लिए आवेदक आवेदन स्वयं लाड़ली लक्ष्मी योजना पोर्टल द्वारा कर सकता है।
  • सर्वप्रथम योजना के पोर्टल पर आवेदन करें ऑप्शन पर क्लिक करें।
  • इसके पश्चात् स्व घोषणा को स्वीकार कर आगे बढ़े।
  • लाड़ली लक्ष्मी योजना हेतु आवेदन निम्नलिखित तीन चरणों में किया जाएगा:
    • समग्र की जानकारी।
    • परिवार की जानकारी।
    • अन्य विवरण।
  • आवेदन पत्र में सम्पूर्ण विवरण भरने के पश्चात समस्त दस्तावेज़ संलग्न करे।
  • इसके बाद आवेदन पत्र में भरे सारे विवरण की जाँच करे और आवेदन पत्र को सबमिट कर दे।
  • आवेदन जमा हो जाने के पश्चात आवेदन पत्र की संबंधित अधिकारी द्वारा जाँच की जाएगी।
  • जाँच सही पाए जाने के पश्चात् धनराशि आवेदक के बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से ट्रांसफर कर दी जाती है।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • योजना के अंतर्गत सभी भुगतान DBT (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से किए जाते हैं।
  • गलत जानकारी पाए जाने पर योजना का पंजीकरण निरस्त किया जा सकता है।
  • बाल विवाह होने पर योजना का लाभ स्वतः समाप्त हो जाएगा।
  • विलंब से प्राप्त आवेदनों को विशेष परिस्थितियों में जिला कलेक्टर द्वारा स्वीकृति दी जा सकती है।
  • महिला कैदियों या बलात्कार पीड़िताओं से जन्मी बालिकाएं भी योजना के लिए पात्र हैं।
  • लाभार्थियों को कौशल विकास और रोजगारमूलक योजनाओं में प्राथमिकता दी जाती है।
  • यदि कोई बालिका कक्षा 12वीं के बाद स्नातक या व्यावसायिक पाठ्यक्रम में प्रवेश नहीं लेती है, तब भी वह 21 वर्ष की आयु पूर्ण करने और निर्धारित शर्तें पूरी करने के बाद 1 लाख रूपये की अंतिम राशि प्राप्त कर सकती है।
  • दस्तावेज केवल JPG, PNG, JPEG या GIF फॉर्मेट में अपलोड किए जा सकते हैं।
  • दस्तावेज का आकार 40 KB से 200 KB के बीच होना चाहिए।

संपर्क जानकारी

  • मुख्यमंत्री लाड़ली लक्ष्मी योजना कॉल सेंटर: 0755-2700800
  • मुख्यमंत्री लाड़ली लक्ष्मी योजना हेल्पडेस्क ईमेल: ladlilaxmi.wcd@mp.gov.in
  • महिला एवं बाल विकास विभाग हेल्पलाइन नंबर:
    • आयुक्त: 0755-2550910
    • एम.आई.एस.: 0755-2550911
    • स्थापना: 0755-2550922
    • फैक्स: 0755-2550912
  • महिला एवं बाल विकास विभाग हेल्पडेस्क ईमेल: mpwcdmis@gmail.com
  • पता: संचालनालय महिला एवं बाल विकास विभाग, म.प्र., विजयाराजे वात्सल्य भवन, प्लॉट नं 28 ए, अरेरा हिल्स, भोपाल, मध्य प्रदेश 462011

मध्य प्रदेश लाड़ली लक्ष्मी योजना क्या है?

मध्य प्रदेश लाड़ली लक्ष्मी योजना राज्य सरकार द्वारा शुरू की गई एक बालिका कल्याण योजना है, जिसके तहत पात्र बालिकाओं को आर्थिक सहायता और शैक्षणिक सहयोग प्रदान किया जाता है।

लाड़ली लक्ष्मी योजना के लिए कौन आवेदन कर सकता है?

मध्य प्रदेश के स्थायी निवासी, जो योजना की पात्रता शर्तों को पूरा करते हैं, अपनी बालिका के लिए आवेदन कर सकते हैं।

योजना के अंतर्गत कुल कितनी आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है?

पात्र लाभार्थियों को विभिन्न चरणों में कुल ₹1,43,000 तक की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है।

एमपी लाड़ली लक्ष्मी योजना में पंजीकरण के लिए आयु सीमा क्या है?

बालिका का जन्म 01 जनवरी 2006 या उसके बाद होना चाहिए। विशेष परिस्थितियों में 5 वर्ष की आयु तक पंजीकरण की अनुमति दी जा सकती है।

क्या योजना के लिए परिवार नियोजन अनिवार्य है?

प्रथम बालिका के लिए परिवार नियोजन अनिवार्य नहीं है। हालांकि, दूसरे बच्चे के जन्म के बाद परिवार नियोजन अपनाना आवश्यक है।

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